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Poetry On Girls and Boys In Hindi

हम फूल है, हमें खिलने दो
आँगन से बाहर फिरने दो
तुम बेटे हो,बस अपना फर्ज निभाओ
और हमारे संग लगाओ ,ये नारा
तर्ज- बेटे समझाओ बेटी बचाओ
बेटे समझाओ बेटी बचाओवो गलत कहे,तो गलत नही
हम उसको सुनाए, तो इल्जाम वही
जरा सोच बदलो ,दुनिया वालो
बेटी पढ़े लिख लें,ऐसा संसार बनाओ
बेटे समझाओ बेटी बचाओ घिनोने हुआ बेटा तुम्हारा,घिनोना करता काम है
सारा इल्जाम बताओ क्यों,हमारी ड्रेस के नाम है
मेरी मानो देकर सजा या अच्छी परवरिश अब उसको सबक सिखाओ
बेटे समझाओ बेटी बचाओहम कितना सहते है रोज,
ये बयां भी नहीं, कर पाते
अगर हिम्मत कर बताए तो
तुम लोग नहीं, समझना चाहते
हम कर देंगे तुम्हारा,नाम रोशन
हमारे रास्ते से तुम ये सब, बाधा हटाओ
बेटे समझाओ बेटी बचाओहर किसी को जानना होगा
तभी ये काम,सही होगा
सरकार ने की है पहल
पर परिवारों को संग,आना होगा
माँ तुम पहली अध्यापक हो,बेटे को बेटियों की इज्जत करना सिखलाओ
बेटे समझाओ बेटी बचाओ

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