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Haryanvi Poetry/Shayari

ये लम्हें मोहब्बत वाले,तड़पन ने घेरे है,
कदे तेरे है,कदे मेरे है

के तारीफ़ करू उसके रंग रूप की,दिल तो उसका भी काला है
वा कह है मैं तेरे त प्यार करूं
पर उसके इन्स्टा पे, आई लव यू टू का मैसेज किसे और का आ रहया है

•आपणी जिंदगी एक ऐसी कहानी है,जहां आपा अपना किरदार खुद चुन सका हाँ ।

यहाँ बातचीत कम लाड घना होया करे
हम हरियाणा के हां मारे चा बहुत घना होया करे
दादा गैल बैठ हान्से ठठे करण का
महस काडण खातर डूंगे जोहड़ में बड़ण का
शर्त लाके पीपल के सबते ऊँचे डाले पे चढ़ण का
शक्ल देख के गाम का नाम बता देवा,इसा टैंलेंट कड़े पावे
के फायदा तारा इतने बढ़े-बढ़े स्कूला में पढ़ण का
पहला प्यार त समझावे बापू ,ना माने तो ठा लेया करे दादा आला खूंडा र
तामने के बैरा डांगरा की संभाल का जै कदे गाडया ए कोनी खूंटा र
ओह डूंडा र चाल पड़या आंधी का बारिश भी होवेगी
थारी छात पे मोर नाचे था देखलिए थारे कपास बहौत घणी होवेगी
ब्याह में नाचया करा खूब मौज त
स्यामी खड़े होके खावा भाभी के कोरड़े कदे लुकदे ना ओट में
यूए तो खोट स,थोड़े ऊँचे बोला हाँ
दूसरया न न्यू लागे है जणूं जलेवा में डोला हाँ
पिज्जा कोनी फेवरेट डीस में माँ के हाथ का चुरमा बताया करा
बाबू गेल खेत में जावा जब बराबर आले कंधे पे कस्सी ठाया करा
धरती बाहया करा,ऊँची आवाज में लाके गाणे
जिसे ठाठ हरियाणा में है नी वे और कीते ना पाणे
माँ धक्के त खवा दिया करे ज्यादा दो-तीन रोटी तो
दादा एक ए बात सिखावे अक इज्जत त प्यारी चीज ना होंदी को
जै करे घात अंगहाई खाड़ा में जाके काड लिया करा हां कपड़े
हक की चीज पे लड़े पर कदे किसे गरीब पे नी अकड़े
बिड़सी करके कर लिया करा काम साडी-सामणी का
अर थाम म्हारे हरियाणे में खोट काडो अक हाम भेदभाव करा हां बिरादरी का
आके देखो हाथा त हाथ, अर कंधया त कंधे जुड़े है
ऊवे कोन्या हरियाणा आले इतनी ऊपर खड़े है।

राजनीति:- देश के नेता लूट के खागे पब्लिक ने करवाके दंगे और रोले र
किसान की गाडी दस्सी पड़ी है इब तक सुधरे कोनि गोले र
बड़ी-बड़ी फेंक के गए थे पिछले इलेक्शन के परचार में
इबके गिनवागे कुछ नी करया उस पिछली सरकार ने
हामने वक्त थोड़ा लाम्बा चाहिए
थोड़ा बेवकूफ वे बनागें ,थोड़ा हामें बनावेंगें
थामने सबर राखना चाहिए
एक मिनट में रैली खातर जगह खाली करवा दी गोले पे होजया सिपाही तैनात र
अबुंलेंस ने रास्ता ना मिले भीतर पड़े आदमी की बन जावे लाश र
याए एक बात खास रे ,इस साच्ची माट्टी में त चोर  पैदा होगे
किसान ,गरीब के हक की बात करणिए कड़े खो गए
यू ठाया सारा फायदा इनती आपणी फूट का
झूठे वादया के बेनर लगवाके
फेर इतंजाम करलिया है इनती लूट का
कुछ पेशन का लालच कोए नौकरी का होगा
हकीकत बताऊं बाद में इनके ब्याना का ग्वाह नी होगा
मैं खिलाफ नी सच बोलूं हूँ
जो मीडिया नी कहन्दा वे पोल तारे सामी खोलू हूँ
कुकर कहदू गुड मॉर्निंग उरे रोज किसान आत्महत्या का जिक्र पावे अख्बार में
म्हारी पार्टी ने बहुत काम करे,न्यू बोलया उनका नेता कल समाचार में
ओ बेबस किसान डरदा गले में फांसी का फंदा लावे है
कुछ बुदिजीवी इसने कर्जा त बचन की सकिम बता देवे है
अरे बताओ जिस घर का मालिक नी रहया उसका के चारा होगा
कोन इंसान है जिसने पिससा जान ते प्यारा होगा
राजनीति का स्तर गिर गया तामे हक पे रहीयो,
आच्छे इंसान ने वोट देवांगे या बात गर्व त कहीयो
क्योंकि
आजाद देश के नागरिक हाँ हाम किसे की गुलामी नी करते
जिनती बिकना है बिक जागें “अमर”
माड़े बंदे की सलामी नी करदे

•मेरा विश्वास उठ गया उस दिन प्यार त ,जिस दिन तू लुकमा मिलदी देख ली थी गद्दार त

•बर्बाद तो होणा ए था मैं,मेरी झूठी कसम जो खाया करती तू

•बार-बार गले मिलके जो तू झूठा जताया करे थी,हाँ मेरी किस्मत हार गई उस झूठे प्यार त

•अधूरे जज्बात ने,दिल की बात ने,नशा न घात का हमेशा दुःख ए दिया है

• हाम दिल के साफ अर कत्ति भोले हाँ,जदे तो तेरे हिस्सा के गम भी खुद ए ढो रे हाँ

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