Home / 2 Line Shayari / Bewafa Poetry In Hindi

Bewafa Poetry In Hindi

ए- जाने वाली बेवफा,जरा गौर कर मेरी आँखों पर,
दिल तोड़ दिया काफी है,
जरा रहम कर इन आंखों पर,
ये रोशनी की खिड़कियां सी, अब आंसुओं से धुंधली हो जाती हैं
मेरे रोने की आहट सुनकर रात को मेरी माँ भी उठ जाती है वो पूछती है क्या हुआ बेटा
मैं सहम-सा जाता हूँ,
तेरा नाम नहीं मैं ले पाता,
झूठे सपनों का बहाना बनाता हूँ,
अब ये कितने दिनों तक चलेगा,
इसका अंदाजा नहीं है मुझको,
तुमने जो तन्हा किया,
अब मुझे भी भूल जाना होगा तुमको,
अब वक्त गैर हो चला,बातें लंबी चलने नहीं
तुम खुदा वाला अम्बर बन जाओ, मैं शहीदों वाली सरजमीं अब मुझे तुमसे कभी मुलाकात करनी नहीं

Purane gaano jaisi ho gyi ho tum
Ab tumhe chah kar bhi nhi bhula sakte, पुराने गानों जैसी हो गई हो तुम ,अब तुम्हें चाह कर भी नहीं भुला सकते

Pathar se ho gye hai,pathar wale sahar ke log
Kisi ne thik hi kaha hai sangat ka asar hota jarur hai पत्थर से हो गए हैं पत्थर वाले शहर के लोग,किसी ने सही कहा है कि संगत का असर होता जरूर है

•Neend me bhi sta rhi hai yaad teri
Pta nahi ye kambhakat khwab kb khatam honge नींद में भी सता रही हैं याद तेरी पता नहीं कमबख्त ख्वाब कब खत्म होंगे

Befijul lgne lagi hai hamari baatein unko
Mohbbat kya khatam hui hum to insan bhi naa रहे बेफिजूल लगने लगी है हमारी बातें उनको मोहब्ब्त क्या खत्म हुई हम तो इंसान भी ना रहे

तुमने जुदा किया और मैंने तोबा किया

वो आई भी थी,उसके रोते हुए गले लगकर प्यार का इजहार भी किया था पर अफसोस आज भी दिल इनकार कर रहा है ये मानने से कि ये सब दिखावा था

वो जब आई थी नई-नई मेरे शहर में पढ़ने को
तो उसे याद बहुत आती थी अपने घर की
हर दिन उसका ये कहना था कि अब मन नहीं लगता उसका यहाँ
कोई अपना भी नहीं है तो ये कहकर अपना लिया था मुझे
मेरे हर रोज बातें करने से बहलने लगा था दिल उसका
और भला क्या चाहिए था उसको
मौजूद थी उसकी जिदंगी में सब चीजें खुशियों समेत और खुशियाँ बांटने वाले
किसी नाराजगी की बात पर रोने को मेरा कंधा जो था
लौट जाती मेरे सहारे वो और मैं उसकी गोद में
आपने-सामने होने पर चेहरा हँसता जो था
पर अब कुछ बदलने-सा लगा है उसमें
अब उसको प्यार मेरा भाता नहीं
मुझे तो क्या याद करेगी वो,अब उसको अपना ही घर याद आता नहीं ।

जब बिछड़ने के बाद उसने याद नहीं किया तो अफसोस हुआ कि कितना वक्त जाया कर दिया हमने उस शख्स के लिए जिसे हमारी कदर ही ना हुई

अब भूलाए से भी नहीं भूलता उसके धोखे का सच मैंनें सब कुछ लूटा दिया उसपर ना किया कभी शक यही है फर्क सच्ची झूठी मोहब्बत का उसने मुझे माना था खुदा और खुदा ही भूला दिया मुझसे ना भूला गया गुजरा वक्त

मुझसे गलियां तक ना भूली गई,जहाँ हम मिलते थे और वो पूरा इंसान भूला गई

खिलाड़ी थे हम जिदंगी में पर इश्क में मात खा गए. उसका तजुर्बा बहुत था अपना बनाकर मारने का

लोग कर रहे थे कोशिश मंजिल पाने की और मैं तुझे पाने की करता रहा ,तभी हारा बैठा हूँ खाली हाथ लिए

लिखता तो मैं आज भी हूँ फर्क बस इतना कभी तेरे लिए लिखता था अब तेरे ऊपर लिखता हूँ

अब कोई अपना होने का दावा करता है तो डर जाते है हम ,क्या करें तुमने सबक ही ऐसा दिया है

अब नहीं अच्छा लगता तुम्हारे
इन्तजार में सुबह से शाम किए जाना
यहाँ कहाँ आसान है
बेमतलब के रिश्ते निभाना
चलो इसमें अब कोई मतलब खोजते हैं
तकरार करने को कुछ कड़वा बोलते हैं
मेरे बारे में जो कहते हो मीठा- मीठा तुम
मन उब गया है वो सुनके
तुम्हारे अन्दर की बात सुनने की चाह है
तुम्हारे ही मुख से
बड़े बसाए सपनों के महल हमने
चलो अब उन्हें उजाड़ने की तरकीब सोचते है
तकरार करने को कुछ कड़वा बोलते है
चलो अब रंजिशों को खोलते है ।

मैं वो वकत ढूंढ रहा हूँ जो हमको मिलादे
मैं वो शब्द ढूंढ रहा हूँ जो तुमको हँसादे
मैं टूटा हूँ पर किसी को कह नही सकता
इसलिए वो जहर पी रहा हूँ जो मुझको मुकादे
तुम तसल्ली से जीना जिंदगानी तुम्हारी
मैंनें किसी को नही सुनाई ये कहानी हमारी
पर आज असल में मुझपे हो आई है
जो सुनता था कभी किसी ओर की जुबानी
पर मुझे एक तरफा ही सही
निभानी तो पड़ेगी ये मोहब्बत हमारी।

आफताब डलने दो
फिर अँधेरा छाएगा
इन छलकती पलकों को
कोई ना देख पाएगा
तड़पन सी घुली है रूह में
राह की चुप्पी का शमां , अनचाहे में पसंद हो जाएगा
निकल जाना दिलासा देकर , तुम भी यहां चुपके से
अंधेरें में कौन तुम्हारे , पगो के निशान देख पाएगा ?
किस्मत ने की हो बेईमानी जिसके संग, उसको ख्वाब क्या सुकून दिलाएगा
तुम चिंता मत करो
रोता बिखलाता हुअा वो, अपने आप सो जाएगा
डरो मत
अगले दिन के उजाले में , वो किसी को आसूं नही दिखाएगा ।

ला
अब कोशिश करनी पड़ेगी तुमको भूल जाने की
*
कि तीसरा दिन था वो कॉलेज का
आँखे तेरी झुकी , जुल्फे संघीन और चेहरे पे हंसी थी
मुझको दीवाना करने की हद शायद इतनी ही सही थी
मैंने कई दफा कोशिश की अपने प्यार की बगिया सजाने की
लेकिन अब लगता है कोशिश करनी पड़ेगी तुमको भूल जाने की ….
*
वो अगले दिन सुबह मेरा जल्दी आना
गेट पे खड़ा होके तेरा दीदार पाना
तेरा कभी hii कभी hello कभी handshake कर जाना
मुझे आज भी याद है
कि कितनी बार माँ ने डांटा है , मुझे याद ही नहीं रहती थी ,खाना खाने की
लगता है अब कोशिश करनी पड़ेगी तुमको भुल जाने की …..
*
फिर होन्सला कर मोबाइल नंबर exchange किए थे हमने
gift, cake , chocolate के अलावा बीता कल और सपने शेयर किए थे हमने
गले लगकर तुमने प्यार का आगाज किया था
और जिद्द की थी हमेशा मेरा प्यार पाने की
लगता है अब कोशिश करनी पड़ेगी तुमको भूल जाने की …..
*
तुम जो अब मिलती भी नहीं हो
मुझे देखकर नजरे फिरा लेती हो
जो गलतियाँ करता भी नहीं
उनके लिए जिम्मेदार ठहरा देती हो
यूं आसानी से तारीफ कर देती हो मेरे सामने गैरों की
लगता है तुम्हारी भी चाह है किसी और को अपना बनाने की
अब मुझे कोशिश नहीं बल्कि जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी
तुमको भूल जाने की
हाँ मगर कोशिश मैंने भी बहुत की थी तुमको अपना बनाने की ।

About admin

Check Also

Love shayari/True Love Status/Best Love Sms In Hindi

Logo ko hona hoga pyar me aashiq deewana mujhe to bus tera hona. hai….ye lab …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *